सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Success story of Dr. Vivek bindra / फुटपाथ पर बेचते थे डिक्शनरी

मशहूर मोटिवेशनल और बिजनेस कोच डॉ . विवेक बिंद्रा का जीवन परिचय ।

बचपन मैं जिसने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए फुटपाथ पर डिक्शनरी बेची आज वो  एशिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल स्पीकर बन गया । 

 जिसने कभी अपना बिजनेस बचाने के लिय टॉयलेट साफ किया था  । आज उसकी  सलाह लेकर कितने बिजनेसमैन लाखों करोड़ों रुपयों मैं खेल रहे । 


बचपन 

विवेक बिंद्रा का जन्म 5 अप्रैल 1982 मैं भारत के लखनऊ राज्य में हुआ । जब वो 2 से 3 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई और उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली , इतनी छोटीसी उम्र मैं ही अपने मां बाप से बिछड़ गए । उसके बाद उनका पालन पोषण उनके दादा ने किया ।

 उनको बचपन से ही स्पोर्ट का बहुत ही शौक था, जब वो कोई भी हरा वह मैच जीते थे तो उसे अपनी लाइफ से रिलेट करते थे उनका दिमाग इतना तेज था की बचपन से ही बिजनेसमैन की तरह काम करने लगा था । 

जब वो। 16 से 17 साल के थे तभी उन्होंने पार्ट टाइम बिजनेस करना शुरू कर दिया था । उन्होंने अपनी कॉलनी मैं होम ट्यूशन के पर्चे बाटने शुरू कर दिए ।  अपनी एक टीचर्स की टीम बनाई और और बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया, जिस स्टूडेंट को घर मैं पढ़ने के लिए टीचर्स की आवश्कता होती वहा विवेक बिंद्रा उसके घर टीचर्स भेज देते थे। जिससे वो स्टूडेंट से भी कमिशन लेते थे और टीचर्स से भी । जिससे उन्हें कुछ इनकम होने लगी , जिससे  उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च  निकला । 

शिक्षा 

 Xavier college से अपनी  BBA  की पढ़ाई पूरी की । उसके बाद MBA के लिय amity business college  नोएडा (उत्तर प्रदेश) मैं अपना एडमिशन लिया । लेकिन कॉलेज की बहुद जड़ा फीस होने के कारण कॉलेज नहीं जा पाए । उनके हालत इतने अच्छे नहीं थे की कॉलेज की फीस भर सके । लेकिन उन्हे ये बात बहुत अच्छे से पता चल गई थी कि ये उनकी अकेले की प्रॉब्लम नहीं है । उन्होंने फुटपाथ पर डिक्शनरी बेचकर अपनी MBA की पढ़ाई किसी तरह से पूरी की । विवेक बिंद्रा जी कहते है की उस समय मुझे  हर एक डिक्शनरी के पीछे 25 रुपए मिलते थे । 

संन्यासी  बने 

 अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्हें ऐसा लगने लगा की माता पिता भीं नही है अपना सगा वाला भी कोई नही है । तो क्यू ना अपना ये जीवन  भगवान और समाज की सेवा मैं लगा दू  , ऐसा सोच कर संन्यासी बन गए । और घर-घर जाकर भिक्षा मांगने लगे और लोगो को भागवत गीता का पाठ पढ़ाने लगे । गरीब बच्चो की सेवा करते रहे विवेक बिंद्रा 4 साल तक संन्यासी बन गए थे  ।  वो आज भी कहते है की भागवत गीता मैं हर एक प्रॉब्लम का सलूशन है ।  इस दौरान उन्होंने भागवत गीता से जो कुछ सीखा था तो इसके बारे मैं बताने के लिए कॉलेज मैं धोती कुर्ता पहनके जाते थे और स्पीच देते थे 

 तब उनके गुरु ने उनसे कहा की तुम्हे अगर लोगो मैं परिवर्तन लाना है तो तुम्हे बाहर निकलना पड़ेगा  इसके बाद 2006 मैं उन्होंने कंपनियों मैं जाकर अपना स्पीच देना शुरू कर दिया लेकिन कंपनियों ने उन्हें  unfit as a trainer बोलके रिजेक्ट कर दिया । 

खुदकी  कंपनी शुरू की 

 उनको खुदकी कंपनी शुरू करनी  थी  लेकिन उनके पास सबसे जरूरी चीज पैसा और मैन पावर नहीं थी । उन्होंने कैसे भी करके अपना एक ऑफिस बनाया जिसमें एंप्लॉय आने लगे थे और इंटरव्यू देते थे । इंटरव्यू देते समय एंप्लॉय उनका ऑफिस देखते थे की ऑफिस मैं AC नही है ऑफिस बढ़ा नही है । ऑफिस मैं काम करने के लिए कोई भी नही ये सब देखकर चले जाते थे । 

उन्होंने इसके लिए एक युक्ति की उन्होंने शुरू मैं ऑफिस मैं इसे एंप्लॉय हायर किए जिनके पास नोकरी नही थी । अब ये एंप्लॉय नोकरी पर तो रख लिय थे लेकिन ये नोकरी ये कहकर ना छोड़ के चले जाए की टॉयलेट साफ नहीं है इसीलिए वो खुद टॉयलेट साफ करते थे । कुछ दिनों बाद इनके कंपनी को बहुत बढ़ा लॉस हुआ और कंपनी  घाटे में चली गई । लेकिन फिर भी एंप्लॉय की सैलरी टाइम पर देने के लिए खुदका घर तक बेच दिया और अपने एंप्लॉय की टाइम पर सैलरी दी । 

 और आज के समय मैं इनकी कंपनी ने काफी ग्रोथ हासिल कर ली है । आज इनके कंपनी में 300 से ज्यादा एंप्लॉय काम कर रहे है । और आज भी वो सब की सैलरी टाइम पर देते है ।

YouTube journey

2013 मैं विवेक बिंद्रा ने अपना यूट्यूब चैनल Dr. Vivek 1bindra motivational speaker नाम से बनाया ।  इस चैनल पर बिजनेस और मोटिवेशन से संबंधित वीडियो बनाकर अपलोड करने लगे ।  लेकिन शुरू शुरू मैं उनके  वीडियो पर  व्यूज नहीं आती थे ।   उनके हर वीडियो पर 4 से  10 व्यूज आते थे लेकिन उन्होंने फिर भी हार नही मानी और वीडियो बनाते चले गए । उनके वीडियो बहुत ही  पावरफुल और दमदार होने के कारण उनकी वीडियो पर व्यूज बढ़ते  चले गए । और चैनल की ग्रोथ होने लगी । 

आज उनके हर वीडियो पर million मैं व्यूज और   लाइक आते ।  आज विवेक बिंद्रा विश्व के सबसे बड़े ट्रेनिग यूट्यूब चैनल के मालिक है । 

अवॉर्ड 

विवेक बिंद्रा एशिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल स्पीकर का अवार्ड जीत चुके है । और वो अब एशिया के सबसे बड़े मोटिवेशनल स्पीकर बन गए है । 

विवेक बिंद्रा के विचार

विवेक बिंद्रा कहते है की आगर अपको सफलता काम समय मैं हासिल करनी है , तो  problem solving idea पर काम कीजिए सफलता अपके पास दौड़ती चली आएगी ।


आज विवेक बिंद्रा business funnel program  के द्वार हर एक व्यक्ति की ट्रेनिग फीस 1.5 लाख रुपए से भी ज्यादा है । 

अगर आप इनके मोटिवेशनल और बिजनेस से रिलेटेड वीडियो देखना चाहते है तो अपको इनके यूट्यूब चैनल Dr. Vivek bindra motivational speaker  और इंस्टाग्राम पेज @vivek_ bindra पर आसानी से मिल जाएंगे । वो भी बिल्कुल फ्री .

    

 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Ghoda Kabhi baitha kyon Nahi? घोड़ा कभी बैठता क्यों नहीं? , क्या घोड़ा कभी सोता है ?

घोड़ा कभी बैठता क्यों नहीं?  इसका सबसे बड़ा कारण है , की  उसकी शरीर की बनावट आगर घोड़ा गलतीसे भी बैठ जाए, या लेट जाए,  तो उसका सारा  भार (वजन) उसके गर्दन या  पैठ के मध्य भाग पर आता है  । इसकी बजेसे उसकी ब्रीदिंग सिस्टम (breathing system) पर आता है। और इसकी बाजेसे घोड़ा अच्छे से सांस लेने में कठिनाई होती है। उसका दम घुटने लगता है। इसके कारण हवा उसके फेफड़ों तक नहीं  जा पाती । और उसका दम घुटने लगता है ।  इसी कारण घोड़ा जमीन पर बैठता और लेटता नही है  अब आपको यह सवाल आता होगा कि घोड़ा सोता कैसे  है? और   अपनी नींद पूरी कैसे करता है ?  घोड़ा एक ऐसा प्राणी है जो दिन मैं सिर्फ 30 मिनिट के लिए ही गहरी  नींद सोता है। इस बीच घोड़ा जमीन पर लेटता या  बैठता नहीं। घोड़े में मांसपेशियां विशेष अवस्था में होती है। जो मांसपेशियों और हड्डियों को एक साथ जोड़ती है।  इसे Science की भाषा में  लिगोमेंट्स और टेंडन  ठहराव तंत्र कहा जाता है । इसी कारण से वह आप अपनी अलग-अलग टांगो को खड़े हुए आराम दिलाते है । और अपनी नींद पूरी...

Struggle story of Rohit zinjurke / सेल्समैन का काम करने से लेकर 1 स्टार बनने तक का सफर

 रोहित ने अपने वीडियो से लोगो के सामने अपनी एक अलग पहचान  बनाई है। रोहित attitude , slow motion, expression, and action के वीडियो  बनाते है सात ही इन्ह विडियो को लोगो द्वारा काफी पसंद भी किया जाता है । आज रोहित को अपने टैलेंट के कारण हर कोई पहचानता है साथ ही  आज ये  लोगों के लिए  किसी superstar , film star से कम नही है । लेकिन रोहित का जीवन पहले से ही ऐसा नहीं था उन्होंने ये मुकाम कढ़ी मेहनत और लगन से हासिल किया है ।      बचपन   रोहित का जन्म 9 अप्रैल 2000 सूरत (गुजरात) मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार मैं हुआ ।  परिवार मैं अभी केवल 3 लोग है रोहित  उनकी मां  और उनकी बहन रोहिणी जो की अभी कॉलेज में पढ़ती है  ।आगर बात की जाए उनके पापा की तो उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी कभी ली ही  नही , रोहित और उनकी मां से वे अलग रहते थे । हाल ही मैं उनकी मृत्यु हो गई है । रोहित की मां ने रोहित और उनकी बहन रोहिणी को खुद काम करके उन्हें ना सिर्फ पाला  बल्कि पढ़ाया लिखाया भी ।  रोहित ने आपनी स्कूल की पढ़ाई सूरत के ...

Struggle story of famous youtuber carryminati / भारत के सबसे प्रसिद्ध यूट्यूबर जिन्हें 150 सब्सक्राइबर करने मैं 2 साल लगे

 परिचय दोस्तों ऐसा कहा जाता है कि सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और लगन छुपी होती है । ऐसी ही कुछ कहानी इंडिया के सबसे फेमस यूट्यूबर में से एक अजय नागर की है  जिसे आज पूरी दुनिया के कैरी मिनाटी के नाम से जानती है । जिन्हें भारत में रोस्टिंग कल्चर को लाने के लिए जाना जाता है । आज उनकी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड होने के साथ ही ट्रेडिंग पेज पर छा जाती है । अगर बात की जाए आज के समय की तो कैरी मिनाटी के यूट्यूब पर करोड़ों में सब्सक्राइब है । लेकिन दोस्तों एक समय ऐसा था जब इनके यूट्यूब चैनल पर कुछ गिने-चुने ही सब्सक्राइबर थे । ऐसा कहा जाता है कि कैरी मिनाटी को शुरू शुरू में अपने यूट्यूब चैनल पर 150 सब्सक्राइबर करने के लिए 2 साल लागे थे ।  जन्म /परिवार /बचपन  कैरी मिनाटी  का जन्म 12 जून 1999 मैं फरीदाबाद सिटी , हरियाणा में हुआ । इनके परिवार में इनके माता-पिता के अलावा उन्हें एक बड़ा भाई है जिसका नाम यश नागर है और वे पेशे से एक रिकॉर्ड प्रोड्यूसर है । अगर बात की जाए कैरी मिनाटी  के पढ़ाई लिखाई की तो उन्होंने अपनी प्राथमिक स्कूल की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की । हाला...