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Struggle story of Zion clark / हाथों से दौड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड / शरीर का निचला हिस्सा ही नहीं है फिर भी बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

 परिचय   ज़ियोन क्लार्क एक अमेरिकन रेसलर , आर्टिस्ट , मोटिवेशनल स्पीकर और एक रनर है । हालाकि  उनकी दोनों टांगे ही नहीं है । वे एक बहुत ही कठिन परिस्थिति में पैदा हुए थे । उन्हें कैंडल रिग्रेशन सिंड्रोन नाम की  बीमारी थी ।  इस बीमारी के चलते इंसान बिना टांगों के ही जन्म लेता   है। इसी बीमारी के कारण उनके दोनों पैर ही नहीं थे । लेकिन फिर भी उन्होंने कभी इसका जरा भी अफसोस नहीं मनाया ‌। उनके पास पैर नही थे फिर भी उन्होंने अपने हाथों से ही दुनिया में सबसे तेज दौड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जिसके कारण  ज़ियोन क्लार्क का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज किया गया है ।  बचपन खुदके असली मां बाप ने भी स्वीकार नहीं किया था ।  ज़ियोन क्लार्क जन्म 29 सितंबर 1997 मैं कोलंबस मैं हुआ । जब इनका जन्म हुआ तब उन्हें दोनों पैर ही नहीं थे । इसी कारण उनके असल मां-बाप ने भी उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके कारण ज़ियोन क्लार्क को अनाथ आश्रम में भेज दिया गया । अनाथ आश्रम जाने के बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी जो भी परिवार उन्हें अडॉप्ट करता उसके...

muniba mazari success story / life story /विकलांगता के साथ संघर्ष और विजय /पाकिस्तान की आयरन लेडी , wheelchair model , motivational speaker

परिचय    मुनीबा मजारी वर्ल्ड फेमस पेंटर ,पाकिस्तान की फर्स्ट व्हीलचेयर मॉडल और पाकिस्तान की पॉपुलर टीवी एंकर है । जो कभी खुद के लिए कुछ नहीं कर सकती थी आज कईयों के लिए रोल मॉडल बन गई है । इन्ह सभी के चलते उन्हे  पाकिस्तान की आयरन लेडी कहा जाता है साथ ही वह संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की नेशनल एम्बेसडर है ।  मुनिबा ने  आज जो मुकाम हासिल किया है वह मुकाम हासिल कर पाना इनके लिए असंभव था ,लेकिन इन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया और लोगों के सामने अपनी पहचान बनाई ।  बचपन  मुनिबा मजारी का जन्म 3 मार्च 1987 पाकिस्तान देश बलूचिस्तान मैं हुआ । इन्हें दो भाई हैं जिनका नाम जुल्फिकार अली मजारी और सरफराज अली मजारी है । मुनिबा को बचपन से ही पेंटिंग करने का बहुत शौक था । उन्हें बड़े होकर एक पेंटर बना था । लेकिन  परिवार इसके खिलाफ था ,परिवार  रूढ़ी वादी खयालो का था  । मुनिबा को  परिवार की मर्जी के बिना कुछ भी करने का अधिकार नहीं था उन्हें बचपन से अपने परिवार वालो  के हिसाब से चलना पड़ा ।  एक्सीडेंट का हुईं भयंकर शिकार जिसके कारण जिंदगी भर...

struggle story of sparsh shah / 14 साल की उम्र में ही बने रैपर ,मोटिवेशनल स्पीकर / कैसे किया परेशानियों का सामना

 परिचय  स्पर्श शाह ने  14 साल की उम्र में ही अपनी दुनिया के सामने एक अलग पहचान बनाई है । रैपर, सिंगर के साथ-साथ एक मोटिवेशनल स्पीकर भी है । इसके अलावा उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े रैपर  एमिनेम का एक लोकप्रिय सॉन्ग not afraid सॉन्ग को उन्होंने एमिनेम से भी तेज गाया है । जिसके कारण पूरी दुनिया इनकी  फैन बन गई है ।  स्पर्श शाह ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है जो मुकाम हासिल कर पाना उनके लिए लगभग असंभव था । क्योंकि वह  ऑस्टियोपोरोसिस इम्परफेक्टा  नाम की बीमारी से पीड़ित थे । इस बीमारी के चलते इंसान की हड्डियां काफी कमजोर होती है । जिसे जोर से हाथ मिलाने से भी शरीर की हड्डियां तूट सकती है । ऐसे पेशेंट को बिस्तर या व्हीलचेयर पर ही रहना पड़ता है ।  स्पर्श शाह चलना फिरना तो बहुत दूर , वह ठीक से उठ - बैठ  तक नहीं सकते थे । 13 साल की उम्र तक उन्हें 135 वर्ष ह चुके थे साथ ही 8 से 9 सर्जरीया भी हुई थी । जिसके कारण उनके शरीर में कई रॉड और स्क्रु है । इसी वजह से उन्हें  बिस्तर या व्हीलचेयर पर ही रहना पड़ता है । उनके साथ इतना सब ...

Success story of Dr. Vivek bindra / फुटपाथ पर बेचते थे डिक्शनरी

मशहूर मोटिवेशनल और बिजनेस कोच डॉ . विवेक बिंद्रा का जीवन परिचय । बचपन मैं जिसने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए फुटपाथ पर डिक्शनरी बेची आज वो  एशिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल स्पीकर बन गया ।   जिसने कभी अपना बिजनेस बचाने के लिय टॉयलेट साफ किया था  । आज उसकी  सलाह लेकर कितने बिजनेसमैन लाखों करोड़ों रुपयों मैं खेल रहे ।  बचपन  विवेक बिंद्रा का जन्म 5 अप्रैल 1982 मैं भारत के लखनऊ राज्य में हुआ । जब वो 2 से 3 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई और उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली , इतनी छोटीसी उम्र मैं ही अपने मां बाप से बिछड़ गए । उसके बाद उनका पालन पोषण उनके दादा ने किया ।  उनको बचपन से ही स्पोर्ट का बहुत ही शौक था, जब वो कोई भी हरा वह मैच जीते थे तो उसे अपनी लाइफ से रिलेट करते थे उनका दिमाग इतना तेज था की बचपन से ही बिजनेसमैन की तरह काम करने लगा था ।  जब वो। 16 से 17 साल के थे तभी उन्होंने पार्ट टाइम बिजनेस करना शुरू कर दिया था । उन्होंने अपनी कॉलनी मैं होम ट्यूशन के पर्चे बाटने शुरू कर दिए ।  अपनी एक टीचर्स की टीम बनाई और और बच्चों को पढ़ान...

nick vujicic success story / हाथ पैर ना होते हुए भी कैसे खड़ी कर दी करोड़ों रुपयों की प्रॉपर्टी ?

आगर जिंदगी में कुछ समस्याएं आए तो बहुत लोग खुदको कोसते रहते है ।  उनमें से कही लोग तो ये भी सोचते है ऐसा मेरे साथ ही क्यू होता है ?  हमेशा मुसीबत मुझे ही क्यू आती है ? मेरी  ही जिंदगी ऐसी क्यों है?  और इसी सोच के कारण   वो हर मान  लेते है ।   समस्याएं  तो जिंदा लोगों के नासिब में  ही आती  है ।  मुर्दों के लिए तो लोग रास्ता भी छोड़ देते है । बचपन  निक वुजिसिक का जन्म 4 दिसंबर 1982  मेलबर्न ,ऑस्ट्रेलिया मैं हुआ उनके पिता का नाम बोरिस्लाव  तथा उनकी मां का नाम हुशांका वुजिसिक उनके पिता अकाउंटेंट का काम करते थे और उनकी मां एक  हॉस्पिटल मैं नर्स का काम करती थी ।  जब निक का जन्म हुआ तो उनको जन्म से ही   हात और पैर नही थे । उनके जन्म के बाद। नर्स उन्हें उनकी मां के पास रखा तो उनकी मां ने उन्हें देखने और छूने से तक माना कर दिया। लेकिन थोड़े समय के बाद उनकी मां ने उनको स्वीकार कर लिया । निक वुजिसिक को दो छोटे पैर विकृत पैर है  मूल रूप से वह पैर के पंजे के सात पैदा हुए थे । लेकिन...