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Struggle story of Zion clark / हाथों से दौड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड / शरीर का निचला हिस्सा ही नहीं है फिर भी बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

 परिचय 

 ज़ियोन क्लार्क एक अमेरिकन रेसलर , आर्टिस्ट , मोटिवेशनल स्पीकर और एक रनर है । हालाकि  उनकी दोनों टांगे ही नहीं है । वे एक बहुत ही कठिन परिस्थिति में पैदा हुए थे । उन्हें कैंडल रिग्रेशन सिंड्रोन नाम की  बीमारी थी ।  इस बीमारी के चलते इंसान बिना टांगों के ही जन्म लेता   है। इसी बीमारी के कारण उनके दोनों पैर ही नहीं थे । लेकिन फिर भी उन्होंने कभी इसका जरा भी अफसोस नहीं मनाया ‌। उनके पास पैर नही थे फिर भी उन्होंने अपने हाथों से ही दुनिया में सबसे तेज दौड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जिसके कारण  ज़ियोन क्लार्क का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज किया गया है । 


बचपन

खुदके असली मां बाप ने भी स्वीकार नहीं किया था । 

ज़ियोन क्लार्क जन्म 29 सितंबर 1997 मैं कोलंबस मैं हुआ । जब इनका जन्म हुआ तब उन्हें दोनों पैर ही नहीं थे । इसी कारण उनके असल मां-बाप ने भी उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके कारण ज़ियोन क्लार्क को अनाथ आश्रम में भेज दिया गया । अनाथ आश्रम जाने के बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी जो भी परिवार उन्हें अडॉप्ट करता उसके कुछ दिनों बाद ही उन्हें वापस अनाथ आश्रम छोड़कर चला जाता था । ज़ियोन क्लार्क को अपना सके ऐसा कोई परिवार मिला ही नहीं । 

ज़ियोन क्लार्क ने उसी समय से जिंदगी से लड़ने के लिए हिम्मत जुटाई जिसके बाद उन्होंने बाहर की दुनिया के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया । कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि उन्हें रेसलिंग की दुनिया में काफी ज्यादा इंटरेस्ट है ।  जब भी 2 साल के थे तभी से उन्होंने अपना ज्यादातर समय रेसलिंग मैं ही लगाया । जब मैं सेकंड स्टैंडर्ड में थे तब उनके आर टीचर जो कि एक खुद रेसलिंग टीचर भी थे उन्होंने ज़ियोन क्लार्क को सपोर्ट में भाग लेने के लिए कहा । तभी उनकी जिंदगी में रेसलिंग नहीं अपनी जगह बना ली । 

नॉर्थईस्ट ओहिओ मस्सीइलोन वस्तिग्तों हाई स्कूल के दौरान वे रेसलिंग टीम का एक हिस्सा बने जूनियर ईयर में वे अपनी सारी गेम हार गए जिसके बाद उन्होंने अपनी प्रेक्टिस को और ज्यादा सख्त कर दिया । जिसके कारण सीनियर ईयर फाइनल तक ज़ियोन क्लार्क रेसलिंग के चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक पहुंचे । हालांकि वह सेमीफाइनल में हार गए थे । 

2015 में ज़ियोन क्लार्क  को किम्बर्ली हॉकिंस ने अडॉप्ट कर लिया । इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया पैरालंपिक नेशनल में हिस्सा लिया जहां उनके लिए स्पेशली डिजाइन व्हीलचेयर बनाई गई थी जिसके सहारे वह दौड़े । 2016 मैं  ज़ियोन क्लार्क ओहिओ के 100 मीटर 400 मीटर के  फार्स्ट रनर में से एक बने । 800 मीटर की रेस में वे थर्ड पोजिशन पर पहुंचे । 2021 मैं अपने हाथों पर सबसे तेजी से 20 मीटर की दूरी 4.78 सेकंड में तय करके उन्होंने एक नया वर्ल्ड रिकॉर् बनाया । जिसके कारण उनका नाम गिनीज बुक ऑफ द वर्ल् में भी दर्ज किया गया है । 

फिलहाल वे केंट स्टेट यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं । साथ ही वे अपनी रेसलिंग की प्रैक्टिस भी करते हैं । जो इंसान बिना पैरों के सहारे ठीक से चल भी नहीं सकता  उसने आज पूरी दुनिया में सबसे तेज दौड़ कर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है । इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है । 


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