सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sonu sood biography / sonu sood kaise bane acter

जीवन परिचय 

 सोनू सूद एक फिल्म एक्टर है जो तेलगु ,कन्नड़ , तमिल और हिंदी फिल्मे करते है । हॉलीवुड फिल्म मैं भी इन्होंने काम किया है । सोनू सूद ज्यादातर फिल्मों मैं खलनायक का किरदार निभाते हुए नजर आते है । लेकिन रियल लाइफ मैं किसी नायक से कम नहीं है । गरीबों की मदत करना इनको काफी अच्छा लगता है । कोरोना काल मैं लॉकडॉन के दौरान 35 से 40 हजार लोगों खाना फ्री मैं बाटने का काम किया अपने गांव से बाहर काम करने के लिए गए प्रवाासी मजदूरों को और   विदेश पढ़ने के लिए गए छात्र को लॉकडाउन के समय सुरक्षित अपने घर पहुंचाने का काम किया । 

बचपन 

सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई 1973 मैं भारत के लुधियाना पंजाब , मोगा मैं हुआ ।  इनको 2 बहने है , मालविका और मोनिका सोनू सूद  ने अपना बचपन गोगा अपने माता पिता के सात गुजारा । उनके पिता का शक्ति सागर सूद  कपड़े की दुकान चलाते थे । और उनकी मां कॉलेज मैं प्रोफेसर थी ।  उनकी मां चाहती थी की सोनू सूद अपने लाइफ मैं कुछ बड़े बने । 

शिक्षा 

 सोनू सूद ने अपनी प्राथमिक स्कूल की पढ़ाई सेक्रेड हार्ड स्कूल मोगा मैं पूरी की । और आगे की पढ़ाई के लिए नागपुर के यशवंतराव चव्हाण  कॉलेज  ऑफ इंजीनियरिंग अपनी इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके डिग्री हासिल की ।  सोनू सूद बताते है की कॉलेज मैं उनकी मां उनकी टीचर भी रही है । 

 एक्टर बनने का सफर 

अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स की डिग्री हासिल करने के बाद अपने मां से कहा कि मुझे एक एक्टर बनना है। इसके लिए मुझे आप एक से डेढ़ साल दीजिए । अगर मैं इस बीच एक्टर बन गया तो ठीक नहीं तो मैं वापस  आकर हमारी कपड़े की शॉप चलाऊंगा और अपना बिजनेस आगे बढ़ा  । और इसके बाद मुंबई आए शुरुआती जिंदगी मैं स्ट्रगल उनकी काफी कठिन रही । और ऑफिस में जाकर अपनी खींची हुई तस्वीरें लेकर जाते थे । और दिखाते हैं थी कई बार तो इनकी तस्वीरें भी नहीं देखी जाती । और इन्हीं रिजेक्ट कर दिया जाता । सोनू सूद कहते हैं कि मेरा एक डेढ़ साल ऐसे  ही गुजर गया मुंबई की सड़कों में जानने में ।

अपना खर्च निकालने के लिए कई छोटी-मोटी एक्टिंग भी की । उन्हें  पहली बार जूतों की ऐड  के लिए बुलाया गया था । इस ऐड के लिए सोनू सूद को 3 दिन के 10,000 मिले थे । इस ऐड मैं  सोनू सूद को एक   ड्रम बजाने का काम दिया गया था । और उसके बाद तमिल भाषा के  कैंडी नेट  सोनू सूद की तस्वीरें अच्छी लगी थी । इसलिए उसने सोनू सूद को मिलने के लिए चेन्नई बुलाया ।  सोनू सूद उससे मिलने के लिए ट्रेन से चेन्नई गए और अपनी पहली फिल्म 1999 अपनी पहली फिल्म  कल्लाझगर साइन की उसके बाद तेलुगु भाषा     की फिल्म 2000 मैं आई हुई हैंड्स अप मैं विलेन का किरदार निभाया । 

वहीं से इनका फिल्मों का सफर शुरू हुआ । इस फिल्म के बाद कन्नड़ तमिल और कई सारी भाषाओं में फिल्में की । इसके बाद 2002 मैं आई हिंदी फिल्म शहीद -ए -आजम  मैं भगत सिंह का किरदार निभाया और  बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की । उसके बाद सोनू सूद ने बॉलीवुड और टॉलीवुड  की कई बड़े  अभिनेताओं के साथ काम किया।  

Hollywood फिल्म मैं काम किया । 

31  जनवरी 2009 को जब सोनू सूद इंटरव्यू के दौरान जब स्रोत फाइटिंग सीख रहे थे तब उनकी मुलाकात हॉलीवुड के मशहूर एक्टर  जैकी चैन से हुई ।  और तब जैकी चैन ने अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म कुंगफू योगा , के लिय सोनू सूद को  साइन किया ।  यह पहली फिल्म है जो एक हिंदुस्तानी एक्टर हॉलीवुड फिल्म मैं , स्टार्टिंग  से लेकर  फिल्म ऐंड तक हॉलीवुड एक्टर के साथ दिखाई दिए । 

 सोनू सूद उन  फैक्टर्स  में से एक है जो कड़ी मेहनत और अभिनय के कारण इस मुकाम तक पहुंचे है । इनका दूर दूर  तक फिल्म इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं था इन्होंने आज जो मुकाम हासिल किया है वह खुद के परिश्रम के कारण क्या है। और  आज इतने बड़े एक्टर बनने के बाद भी अपनी पुरानी लाइफ जीना पसंद करते है । 




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Struggle story of Rohit zinjurke / सेल्समैन का काम करने से लेकर 1 स्टार बनने तक का सफर

 रोहित ने अपने वीडियो से लोगो के सामने अपनी एक अलग पहचान  बनाई है। रोहित attitude , slow motion, expression, and action के वीडियो  बनाते है सात ही इन्ह विडियो को लोगो द्वारा काफी पसंद भी किया जाता है । आज रोहित को अपने टैलेंट के कारण हर कोई पहचानता है साथ ही  आज ये  लोगों के लिए  किसी superstar , film star से कम नही है । लेकिन रोहित का जीवन पहले से ही ऐसा नहीं था उन्होंने ये मुकाम कढ़ी मेहनत और लगन से हासिल किया है ।      बचपन   रोहित का जन्म 9 अप्रैल 2000 सूरत (गुजरात) मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार मैं हुआ ।  परिवार मैं अभी केवल 3 लोग है रोहित  उनकी मां  और उनकी बहन रोहिणी जो की अभी कॉलेज में पढ़ती है  ।आगर बात की जाए उनके पापा की तो उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी कभी ली ही  नही , रोहित और उनकी मां से वे अलग रहते थे । हाल ही मैं उनकी मृत्यु हो गई है । रोहित की मां ने रोहित और उनकी बहन रोहिणी को खुद काम करके उन्हें ना सिर्फ पाला  बल्कि पढ़ाया लिखाया भी ।  रोहित ने आपनी स्कूल की पढ़ाई सूरत के ...

success story of p.v sindhu

परिचय  पी.वी सिंधु का पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु है । पुसरला इनका सरनेम है । हिंदू 21वीं सदी की सबसे प्रसिद्ध भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी है और ये  बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और ओलपिक सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय पहली महिला है । साथ वर्तमान के रैंक में इनका नाम 7 वे स्थान पर आता है ।  इन्होंने जापान में चल रहे टोक्यो ओलंपिक 2020 में ब्रोंज मेडल हासिल किया है। रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनकी कास्ट को सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च किया गया था । इन्हें अब तक ही अवार्ड  और पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।  परिवार / बचपन पी.वी सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 भारत में आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में हुआ । इनके पिता का नाम पी.वी रामन और मां का नाम पी . विजया है । इनके माता-पिता दोनों ही नेशनल लेवल के वॉलीबॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं । इनके पिता भारतीय वॉलीबॉल टीम के सदस्य थे और उन्होंने अपने शानदार खेल से 1986 मैं सिओल एशियन खेल में ब्रोंज मेडल हासिल किया था । खेलों में अपना योगदान देने के लिए उन्हें भारत सरकार ने 2002 में अर्जुन पुरस्कार से ...

Mohamed siraj kaise bane indian cricket team ke tej gendbaaz ? Struggle story of Mohamed siraj

परिचय  मोहम्मद सिराज भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज है आज वह  कामयाबी की बुलंदी को छू रहे हैं लेकिन उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए  काफी मेहनत और स्ट्रगल किया है ।  वह भारतीय  क्रिकेट टीम के  ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने कभी क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग नहीं ली वह अपनी खुद की मेहनत  और प्रैक्टिस के कारण ही यहां तक पहुंच पाए हैं । उनके पास इतने पैसे नहीं थी कि वह किसी क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करके उसकी फीस भर सके  अपने इतने कठिन हालात होते हुए भी उन्होंने कभी-भी हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहें ।  बचपन मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 में हैदराबाद में हुआ उनके परिवार में उनके अलावा उनके बड़े भाई और माता-पिता रोते हैं। उनके भाई का नाम इस्माइल है । उनके पिता मोहम्मद घौस हैदराबाद शहर में ऑटो रिक्शा चलाने का काम किया करते थे ।  और उनकी माता शबाना बेगम लोगों के घर में नौकरानी का काम किया करती थी । उनके पास खुद का घर ना  होने के कारण वह हैदराबाद के बंजारा हिल्स  इलाके मैं एक छोटी सी  किराए के  मकान में रहते थे । सिराज का बचपन...