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Life story of sadio mane / ऐसा संघर्ष आपने कभी नहीं देखा होगा / यह सच्ची कहानी पत्थर दिल इंसान को भी पिघलने पर मजबूर कर देगी

 परिचय 

सदियों माने दुनिया के बेस्ट फुटबॉल प्लेयर में से एक है । प्रीमियर लीग क्लब लीवरपूल और सेनेगल की राष्ट्रीय टीम के लिए मिल्ड फिल्डर के रूप में खेलते है । उन्हें फुटबॉल की दुनिया का जादूगर भी कहा जाता है । यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। फुटबॉल खेलने के लिए उनके पास अच्छे जूते ना होने के कारण वे ऐसे फटे जूते पहनकर फुटबॉल की प्रेक्टिस किया करते थे जिसे पहनकर हम ठीक से चल भी नहीं सकते है । 


जन्म /परिवार 

सदियों माने  का जन्म 10 अप्रैल 1962 में अफ्रीका के एक छोटे सेधिऔ सेनेगल गांव में हुआ । उनके पिता का नाम मैडी तौरे है । तथा मां का नाम साटू तौरे है । उनका परिवार काफी गरीब था ।  ऐसा कहा जाता है कि उनके गांव में कोई सुख सुविधा नहीं थी । ऐसे में वहां के बच्चे अपनी जिंदगी क्या बना सकते हैं । वहां के लोगों के इतने कठिन हालात थे कि उन्हें कभी कभी दो वक्त का खाना भी ठीक से नसीब नहीं होता था । ऐसे में वहां के लोग मिट्टी खाकर अपना पेट भरा करते थे । उनमें से ही एक सदियों माने और उनका परिवार था । आप ऐसे में अंदाजा भी नहीं लगा सकती कि कोई इतना भी मजबूर होगा कि उसे अपना पेट भरने के लिए मिट्टी खानी पड़े । जरा सोचिए इतने कठिन हालात में इंसान का जीवित रहना मुश्किल है  वहां पर अपने देखे हुए सपनों को जिंदा रखना कितना बड़ा मुश्किल होगा । 

सदियों माने   को फुटबॉल अपनी जान से भी ज्यादा प्यारा था । लेकिन इतने गरीब लड़के को कौन आगे लेकर जा सकता था । ऐसे में उन्होंने खुद को ही अपना गॉडफादर बना लिया और कसम खा ली कि यह वक्त आज भले ही मेरा नहीं है लेकिन मेरा वक्त भी एक दिन आएगा जिस दिन दुनिया मुझे अपने नाम से जानने लगेगी । सदियों माने ने  फुटबॉल में खुद को ही बिना किसी के सहारे ट्रेन करना शुरू कर दिया । 

12 साल की उम्र में फुटबॉल ट्रायल के लिए 160 किलोमीटर पैदल जाना पड़ा 

जब सदियों माने 12 साल के थे  तब उन्हें पता चला कि शहर में फुटबॉल की ट्रायल हो रही है । यह शहर उनके गांव से 160 किलोमीटर की दूरी पर था । वहां तक जाने के लिए उनके पास पैसे भी नहीं थे । इसीलिए उन्होंने यह 160 किलोमीटर का सफर दौड़ के पूरा किया । जब वे वहां पर पहुंचे तो लोगों ने उनकी हालत देखकर उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया । क्योंकि उनकी हालत ही ऐसी थी, शर्ट पैंट फटा हुआ था पसीने से लथपथ थे । यहां तक कि जूते भी पूरी तरह से फटे हुए थे । 

सदियों माने को देखकर कोच ने उनसे कहा तुम ऐसी हालत में फुटबॉल कैसे खेल सकते हो तुम जरा अपने आसपास दूसरों को देखो वह किस तरह से तैयारी करके आए हैं । कुछ की इस बात पर उन्होंने कहां कि सिर्फ आप मुझे 5 मिनट दो आपको मालूम पड़ जाएगा कि कौन तैयारी करके आया है और कौन नहीं । कोच से वे काफी रिक्वेस्ट करने लगे । जिसके कारण कुछ ने उनकी बात मान ली और उन्हें गेम में ट्रायल देने की अनुमति दे दी । 

गेम शुरू हुआ सिर्फ 5 मिनट के अंदर ही सदियों माने  ने कोच को यह दिखा दिया कि अपनी जिंदगी से ज्यादा वह फुटबॉल से कितना प्यार करते  है । कोच ने उनका खेल देखकर  उनसे कहा कि फुटबॉल के लिए यह तेरे अंदर का जुनून हमेशा ऐसे ही रहा तो लोग मुझे एक दिन तेरे नाम से जानने लगेंगे । उस दिन सदियों माने बहुत खुश हुए थे । वह सोचने लगे कि मेरी जिंदगी में अब सब कुछ ठीक  होगा । मैं जल्दी से अपने घर जाकर अपने माता पिता को यह बात बता दूं कि उनका लड़का अब सक्सेस की तरफ निकल पड़ा है और वह अब सब कुछ ठीक कर देगा । 

लेकिन उनकी जिंदगी को यह मजबूर नहीं था । जब भी घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि हार्ट अटैक के कारण उनके पिता की मृत्यु हो गई है । उनके गांव में तब कोई हस्पताल भी नहीं था कि वहां पर इलाज किया जा सके । और ना ही किसी शहर के अस्पताल में इलाज के लिए जाने के लिए पैसे थे । सदियों माने   को उनके पिता का पूरा सपोर्ट रहता था । ऐसे में उनके पिता की मृत्यु होने के कारण उनकी मुसीबतें और बढ़ गई थी । लेकिन उन्होंने कभी भी give up नहीं किया । और अपनी मेहनत में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी । 

सदियों माने के गेम से प्रभावित होकर फ्रांस के एक बड़े क्लब ने उन्हें सिलेक्ट कर लिया । यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई अब उनका वक्त धीरे-धीरे बदलने लगा था । वे अपने शानदार खेल से लोगों को प्रभावित करने लगे । जो भी सदियों माने को खेलते हुए देखता था । वह यही बोलता था कि काश यह प्लेयर हमारी टीम में भी होता । 

बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है । 

कुछ ही वक्त में सदियों माने  ने ऑस्ट्रेलिया और वहां से फिर इंग्लैंड का सफर पूरा किया । उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग खेलना शुरू कर दिया था । सबसे पहले उन्होंने साउथहम्टन इंटरनेशनल मैच रमी के लिए खेलना शुरू कर दिया था । जिसके लिए उन्हें मुंह मांगी रकम दी गई थी । साउथहम्टन के लिए खेलते हुए उन्होंने 2 मिनट 56 सेकंड मैं बैक टू बैक 3 गोल करके हैट्रिक मारने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया । जिसे आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है । 

सदियों माने  आज दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल क्लब यानी लिवरपूल के लिए खेलते हैं । उन्होंने आज तक कई सारे अवार्ड जीते हैं । उन्होंने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया । बचपन में उन्होंने जो कहा था कि एक दिन दुनिया मुझे अपने नाम से जानेगी की और जिस कोच ने उन्हें फुटबॉल ट्रायल का मौका दिया था उसको  भी दुनिया आज सदियों माने के नाम से जानती है । 


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