सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Struggle story of basketball player michael jordan /life changing story / पत्थर को भी पिघला देने वाली सच्ची कहानी

परिचय 

माइकल जॉर्डन अमेरिका के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं ।जिन्होंने अब इस खेल से संन्यास लिया है । माइकल जॉर्डन को विश्व के सर्वश्रेष्ठ बास्केटबॉल के खिलाड़ी कहा जाता है । साथ ही इन्हें बास्केटबॉल का भगवान भी कहा जाता है । अमेरिका के बास्केटबॉल खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाले वे पहले व्यक्ति है । अपने शानदार खेल से दुनिया के इतिहास में बास्केटबॉल खेल के कई सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं । माइकल जॉर्डन करते  है कि जहां आपकी पॉजिटिव सोच होती है वहां रास्ते अपने आप होते हैं । 

माइकल जॉर्डन वो इंसान हैं जिन्होंने बास्केटबॉल के 90 हजार शॉट्स मिस कर दिए थे । 300 गेम्स में हार कर 26 विनिंग शॉट मिस करने के बाद भी इन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे । 

बास्केटबॉल के खेल के शुरुआत में इनके जेम्स शार्ट सही नहीं थे इसीलिए माइकल पूरे ऑफ सीजन में रोज 100 से भी ज्यादा जेम्स शार्ट की प्रैक्टिस किया करते थे । उन्होंने ऐसा तब तक किया जब तक उनके जेम्स शॉट्स पूरी तरह से परफेक्ट नहीं बन चुके थे । 

जन्म /परिवार

माइकल जॉर्डन का जन्म 17 फरवरी 1963 में अमेरिका के न्यूयॉर्क ब्रुकलिन मैं हुआ । वे अपनी मां बाप के 5 बच्चों में से चौथे बच्चे थे । उनके दो भाई और दो बहने है । उनके पिता का नाम जेम्स आर जॉर्डन है । और मां का नाम डेलोरिस जॉर्डन है । जब माइकल जॉर्डन छोटे थे तभी उनका परिवार विल्लिंगटन उत्तरी कैरोलिना मैं बस गया था । उनका परिवार काफी गरीब था । वे और उनका पूरा परिवार एक झोपड़ी में रहता था । उनके पिता इलेक्ट्रिक प्लांट प्लांट में एक्यूपमेंट सुपरवाइजर थे । और उनकी मां बैंक में एक छोटा सा काम किया करती थी । माइकल जॉर्डन की सोच हमेशा कुछ बड़ा करने की  थी । जिससे उनकी गरीबी की समस्या सुलझ जाए ।  

माइकल जॉर्डन ने 13 साल की उम्र मैं  $1 की शार्ट $2000 मैं किस तरहसे बेची 

माइकल जॉर्डन जब 13 साल के थे । तब उनके पिता ने उन्हें अपने पास बुला कर एक पुरानी शर्ट दिखाइए और उन्हें कहा कि इसकी कीमत क्या होगी माइकल ने थोड़ा सोचा और कहा कि यह शर्ट $1 का होगा । तब उनके पिता ने उनसे कहा कि इस सेट को तुम्हें बाजार में ले जाकर कैसे भी करके । $2 में बेचना है । तब उस वक्त माइकल ने बेचने के लिए मना नहीं कहा  बल्कि सोचने लगे कि मैं इस शर्ट को $2 में कैसे देख सकता हूं । थोड़ा सोचने के बाद उन्होंने उस शर्ट को धोया , सूखाया, और प्रेस किया और बेचने के लिए बाजार लेकर गए । उस शर्ट को बेचने के लिए दूर-दूर तक घूमते रहे तब जाकर रेलवे स्टेशन के पास उस शर्ट को वह $2 में बिक पाए थे । शर्ट को बिकने के बाद घर आए और अपने पापा के हाथ में $2 थमा दिए । 

4 से 5 दिनों बाद फिर एक बार उनके पिता ने आपने पास बुलाया और फिर एक पुरानी शर्ट दी और कहा आज तुम्हे इस $1की शर्ट को तुम्हे आज $20 मैं बेच कर आना है । माइकल सोचने लगे कि इस शर्ट को $20 में कैसे बेचूंगा मैं इसे कैसे बेच सकता हु । तभी उन्हें एक आइडिया आया उन्होंने उस पुरानी शर्ट के ऊपर मिकी माउस का स्टीकर लगाया और उसे बेचने के लिए एक स्कूल के सामने लेकर गए जहां पर रईस बच्चे थे । वहापार जाने के बाद जोर जोर से कहने लगे मिकी माउस शार्ट सिर्फ $20 मैं । कुछ वक्त के बाद उनकी शर्ट बिकी और ऊपर से $5 टिप्स भी लेके आए और पिता के हात मैं दिए । 

उनके पिता ने कुछ दिन बाद फिर एक बार उन्हे एक पुरानी शर्ट दी और कहा इस $1की शार्ट को तुम्हे अब $200मैं बेचकर आना है । उन्होंने इस बार भी नमन नही किया बल्कि सोचने लगे कि मैं इसे किस तरह से बेच सकता हूं । तभी उन्हें पता चला कि हॉलीवुड की सबसे खूबसूरत एक्टर्स फराह फॉसेट उनके पास के शहर मैं आई हुई है । तब माइकल किसी भी तरह बढ़ी मुश्किलों से उनके पास गए और उनका ऑटोग्राफ उस शर्ट पर लिया । और उस शर्ट को बेचने के लिए बाजार लेके गए वहापार जोर जोर से कहने लगे हॉलीवुड की सबसे खूबसूरत एक्टर्स फराह फॉसेट की ऑटोग्राफ की हुई शर्त सिर्फ $200 मै यह सुनकर वहां पर काफी भीड़ इकट्ठा होने लगी । शर्ट को लेने के लिए लोग $200 से भी ज्यादा देने के लिए तयार हो रहे थे । तभी उसी भीड़ में से एक इंसान में वह शर्ट $2000 मै खरीद ली । उसके बाद  माइकल अपने पिता के पास गई और उनके हाथों में $2000 थमा दिए  यह देखकर उनके पिता की आंखों में आंसू आ गए । और माइकल से कहने लगे बेटा अब तू जिंदगी में कुछ भी कर सकता है । 

 

आपको ये  पोस्ट पसंद आ सकती है 👇

इंडिया के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की सक्सेस स्टोरी , एक किसान के बेटे थे नीरज चोपड़ा

हॉलीवुड फिल्मों के जाने माने कॉमेडियन एक्टर जिम कैरी की सफलता की पूरी स्टोरी

Duniya ke nomber one raper , Rap ke god, Eminem life story / struggle story of Eminem

फुटबॉल प्लेयर लियोनेल मेसी सक्सेस स्टोरी / बचपन मैं बेचते थे चाय

टिमटिमाती छत में रखने वाले क्रिस्टीयानो रोनाल्डो आज कैसे बनी दुनिया के सबसे महंगे फुटबॉल प्लेयर ?



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Success story of Dr. Vivek bindra / फुटपाथ पर बेचते थे डिक्शनरी

मशहूर मोटिवेशनल और बिजनेस कोच डॉ . विवेक बिंद्रा का जीवन परिचय । बचपन मैं जिसने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए फुटपाथ पर डिक्शनरी बेची आज वो  एशिया का सबसे बड़ा मोटिवेशनल स्पीकर बन गया ।   जिसने कभी अपना बिजनेस बचाने के लिय टॉयलेट साफ किया था  । आज उसकी  सलाह लेकर कितने बिजनेसमैन लाखों करोड़ों रुपयों मैं खेल रहे ।  बचपन  विवेक बिंद्रा का जन्म 5 अप्रैल 1982 मैं भारत के लखनऊ राज्य में हुआ । जब वो 2 से 3 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई और उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली , इतनी छोटीसी उम्र मैं ही अपने मां बाप से बिछड़ गए । उसके बाद उनका पालन पोषण उनके दादा ने किया ।  उनको बचपन से ही स्पोर्ट का बहुत ही शौक था, जब वो कोई भी हरा वह मैच जीते थे तो उसे अपनी लाइफ से रिलेट करते थे उनका दिमाग इतना तेज था की बचपन से ही बिजनेसमैन की तरह काम करने लगा था ।  जब वो। 16 से 17 साल के थे तभी उन्होंने पार्ट टाइम बिजनेस करना शुरू कर दिया था । उन्होंने अपनी कॉलनी मैं होम ट्यूशन के पर्चे बाटने शुरू कर दिए ।  अपनी एक टीचर्स की टीम बनाई और और बच्चों को पढ़ान...

Struggle story of Rohit zinjurke / सेल्समैन का काम करने से लेकर 1 स्टार बनने तक का सफर

 रोहित ने अपने वीडियो से लोगो के सामने अपनी एक अलग पहचान  बनाई है। रोहित attitude , slow motion, expression, and action के वीडियो  बनाते है सात ही इन्ह विडियो को लोगो द्वारा काफी पसंद भी किया जाता है । आज रोहित को अपने टैलेंट के कारण हर कोई पहचानता है साथ ही  आज ये  लोगों के लिए  किसी superstar , film star से कम नही है । लेकिन रोहित का जीवन पहले से ही ऐसा नहीं था उन्होंने ये मुकाम कढ़ी मेहनत और लगन से हासिल किया है ।      बचपन   रोहित का जन्म 9 अप्रैल 2000 सूरत (गुजरात) मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार मैं हुआ ।  परिवार मैं अभी केवल 3 लोग है रोहित  उनकी मां  और उनकी बहन रोहिणी जो की अभी कॉलेज में पढ़ती है  ।आगर बात की जाए उनके पापा की तो उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी कभी ली ही  नही , रोहित और उनकी मां से वे अलग रहते थे । हाल ही मैं उनकी मृत्यु हो गई है । रोहित की मां ने रोहित और उनकी बहन रोहिणी को खुद काम करके उन्हें ना सिर्फ पाला  बल्कि पढ़ाया लिखाया भी ।  रोहित ने आपनी स्कूल की पढ़ाई सूरत के ...

Mohamed siraj kaise bane indian cricket team ke tej gendbaaz ? Struggle story of Mohamed siraj

परिचय  मोहम्मद सिराज भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज है आज वह  कामयाबी की बुलंदी को छू रहे हैं लेकिन उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए  काफी मेहनत और स्ट्रगल किया है ।  वह भारतीय  क्रिकेट टीम के  ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने कभी क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग नहीं ली वह अपनी खुद की मेहनत  और प्रैक्टिस के कारण ही यहां तक पहुंच पाए हैं । उनके पास इतने पैसे नहीं थी कि वह किसी क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन करके उसकी फीस भर सके  अपने इतने कठिन हालात होते हुए भी उन्होंने कभी-भी हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहें ।  बचपन मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 में हैदराबाद में हुआ उनके परिवार में उनके अलावा उनके बड़े भाई और माता-पिता रोते हैं। उनके भाई का नाम इस्माइल है । उनके पिता मोहम्मद घौस हैदराबाद शहर में ऑटो रिक्शा चलाने का काम किया करते थे ।  और उनकी माता शबाना बेगम लोगों के घर में नौकरानी का काम किया करती थी । उनके पास खुद का घर ना  होने के कारण वह हैदराबाद के बंजारा हिल्स  इलाके मैं एक छोटी सी  किराए के  मकान में रहते थे । सिराज का बचपन...